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डिप्रेशन

डिप्रेशन

डिप्रेशन यानि अवसाद एक तरह की मनोदशा है जो कि लम्बे समय तक तनाव में रहने के कारण होती है। डिप्रेशन एक रोग नहीं है बल्कि अनेक लक्षणों का समावेश है जैसे की

चिंता, बेचैनी,  घबराहट, आशंका, पूर्वानुमान, अपराधबोध, दहशत, हताशा, चिड़चिड़ापन, छोटी छोटी बातों पर क्रोध एवं उन्माद, आत्मविश्वास की कमी, अकेले रहना, उदासी, रोना, समाज से पीछे हटना, आत्महत्या का विचार या प्रयास करना, गलत भावना और अलगाव, जिम्मेदारियों की उपेक्षा करना, शराब, सिगरेट या नशे का उपयोग करना, नींद विकार, अनिद्रा, अप्रिय एवं भयानक सपने, कठिन एकाग्रता, भ्रम, भुलक्कड़पन, स्मृति समस्याएं, प्रियजनों के प्रति उदासीनता, किसी भी चीज में कोई दिलचस्पी नहीं एवं खराब प्रदर्शन, हमेशा हाथ धोना, संक्रमण का डर, रोग भ्रम, जुनूनी बाध्यकारी विकार, हिस्टीरिया एवं सिज़ोफ्रेनिया।

डिप्रेशन हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है ?

डिप्रेशन किसी को भी हो सकता है। एक फिल्म स्टार, नौकरीपेशा, नेता, डॉक्टर, वकील, पुलिस, जज, बिजनेसमैन, स्कूल या कॉलेज जाने वाले बच्चों, ग्रहणी या बुजुर्गों तक सबको डिप्रेशन हो सकता है। डिप्रेशन अनुवांशिक भी हो सकता है। अगर कोई डिप्रेशन या अवसाद में है तो उसकी किसी काम में रूचि नहीं होती, हमेशा दुखी रहता है, बिना बात के रोता रहता है, या गुस्सा करता रहता है,  किसी भी काम में अपना १०० प्रतिशत नहीं दे सकता, हमेशा दूसरों से पिछड़ा रहता है, समाज से पीछे हटता है,  जिम्मेदारियों की उपेक्षा करता है, पढाई में या खेल में मन नहीं लगता है, पढाई में ख़राब परिणाम आते हैं, नौकरी में पदोन्नति नहीं मिलती, नौकरी मिलने में दिक्कत होती है, शराब, सिगरेट या नशे का उपयोग करता है, गृहणिओं को घर में बच्चों, पति या ससुराल वालो से सामंजस्य बैठाने में परेशानी आदि परेशानिआं होती हैं। अवसाद में रहना वाला व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में पिछड़ता ही जाता है।अगर आपको डिप्रेशन है तो झिझकिये नहीं इसका तुरंत इलाज करवाईये क्योंकि डिप्रेशन यानि अवसाद  जानलेवा भी हो सकता है।

डिप्रेशन के शारीरिक लक्षण:

कमजोरी, आसानी से थकान, घबराहट, माथे, हथेली से ठंडा पसीना, सांस लेने में तकलीफ, घबराहट, तेज धड़कन, तेज नब्ज, बेचैनी, सिरदर्द, माइग्रेन, चक्कर, दांत पीसना, हकलाना, हाथों,जबड़े, गर्दन, पीठ और कंधे में जकड़न

तनाव में भोजन (अधिक या कम भोजन) करना, मोटापा या वजन कम होना, पेट फूलना, मतली, उच्च अम्लता, कब्ज या दस्त एवं पाइल्स

पुरुषों एवं महिलाओं में यौन इच्छाओं की कमी, पुरुषों में स्तंभन दोष, शीघ्रपतन, लगातार पेशाब, शुक्राणुओं की कमी एवं नपुंसकता, महिलाओं में बांझपन एवं मासिक अनियमित्ता

ुँहासे, छाईआं, चमड़ी पे दाग धब्बे, बाल झड़ना एवं गंजापन

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